दातों की सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी, अपने दातों के पीलेपन को करे आसानी से ठीक , दातों के पीलेपन के कारण ओर सही करने के उपाय
अगर आप भी परेशान हे आपके दातों के पीलेपन से अगर आप भी कही जाते हो तो आपको भी अपने दातों की वजह से परेशान होना पड़ता हे तो ये आर्टिकल आज आपके लिए ही होने वाला है आज हम इसी बारे में आपको कुछ जानकारी देने वाले हे अगर आप भी डॉक्टर के पास जाने वाले हे अपने दातों को ठीक करवाने तो आज हम आपको बताएंगे की आप अपने दातों को केसे घर पर ही ठीक कर सकते हो ओर डॉक्टर के महंगे इलाज से आप केसे बच सकते हो ओर साथ ही अगर आपको ऐसे ही आर्टिकल चाइए तो आप हमरे इस ब्लॉग को फॉलो कर सकते हो
केसे होते हे आपके दात खराब
आप अपने जीवन कुछ ना कुछ नया खाते रहते हो जिसमे आपको ज्यादा संतुष्टि मिलती है इसको आप
बार बार खाना चाहते हो जिसमे मिठाईयां और ठंडी चीजें आती हे जो आपके दातों के लिए बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक होती हे आपको मिठाई और ठंडी चीज
कम से कम खानी चाइए और इन सब को खाने के बाद हमेशा ब्रश जरूर करनी चाइए ,और आपको रोग ब्रश करनी चाइए अपने मुंह को हमेशा साफ रखना चाइए साथ में अगर आप ज्यादा मीठा खाते हो तो वो भी आपको कम कर देना चाइए क्योंकि मीठा खाने से आपको बहुत से बीमारी हो सकती हे ओर आपको भयानक बीमारी का सामना करना पड़ता हे
हम जब भी कही जाते हे अपने दोस्तो से मिलने या फिर अपनी फैमिली के साथ घूमने तो हमको नए नए लोग देखने को मिलते हे ओर जब हमरे दात खराब होंगे तो हम हसने में भी हमको दिक्कत आती हे क्योंकि अगर हमरे दात सही नही है तो सभी लोगो का ध्यान हमरे दातों की तरफ ही जाता हे ओर हमको सरमिंदा होना पड़ता हे चाहे वो कोई भी अगर आपके दात खराब हे
तो आप सभी के साथ अच्छा महसूस नहीं कर सकते हो ओर साथ ही आपको खाना, खाते समय भी आपको दिक्कत आती हे जिसकी वजह से आप खाना भी नहीं
खा पाते हों तो आपको हम आज इस ब्लॉग के मध्यम से आपको बताएंगे की केसे आप अपने दातों को घर पर आसानी से सही रख सकते हो ओर अगर आपको कोई दातों से जुडी कोई समस्या हे तो आप हमरे बताए गए घरेलू नुस्खों से अपने दातों को आसानी से ठीक कर सकते हो
दाँतों का स्वास्थ्य हमारे द्वारा ग्रहण किए गए आहार पर निर्भर करता है। हमारा आहार ऐसा होना चाहिए, जिससे कब्ज न हो। दैनिक जीवन में आहार संबंधी गलतियों की वजह से दाँतों का स्वास्थ्य चौपट हो जाता है। अत्यधिक चॉकलेट, शीतल पेय, आईसक्रीम, शक्कर व मिठाई का प्रयोग दांतों को खराब करता है। अत्यधिक ठंडे पेय दाँतों को नुकसान पहुँचाने के साथ-साथ पाचन प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
एक प्रयोग करें। किसी भी शीतल पेय में 1 टूटे हुए दांत को कांच के गिलास में डाले रखें। आप पाएंगे कि 3 दिन में दाँत गायब हो जाएगा, तो हम सोच सकते हैं कि हमारे शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता होगा?
अतः शीतल पेयों के स्थान पर दूध, फलों का रस व अन्य प्राकृतिक पेयों का सेवन करें, जिससे दाँतों का ही नहीं वरन् सम्पूर्ण स्वास्थ्य श्रेष्ठ होगा।
चाय व कॉफी कलयुगी जहर है जो हमारी संस्कृति में रच बस गया है। इनका अत्यधिक सेवन हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसमें 18% टेनिन, 3% थिन, 2.75% केफिन वालाटाईल, कार्बोनिक अम्ल, पैमिन, ऑक्सेलिक एसिड व अन्य पदार्थ पाए जाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप दाँतों का स्वास्थ्य तो चौपट होता ही है साथ में एसीडीटी, कब्ज, पेट में छाले, त्वचा का रुखापन, किडनी रोग, अनिद्रा, लकवा, रक्त विकार एवं नपुंसकता जैसे अन्य रोग पैदा हो जाते हैं। इनके माध्यम से शक्कर की अत्यधिक मात्रा शरीर में प्रवेश करती है। इसी वजह से ज्यादा शक्कर खाने वालों के दाँत असमय गिर जाते हैं।
रात्रि को सोते समय कुल्ला करके दाँतों को अच्छी तरह साफ करके सोएँ प्रत्येक आहार ग्रहण करने के पश्चात दाँतों को अच्छी तरह साफ करें।दांतों को ब्रश से ज्यादा देर तक साफ नहीं करना चाहिए। मसूड़ों को नियमित हाथों की अंगुली से मसाज करनी चाहिए, जिससे मसूड़ों की मजबूती बढ़ती है। यदि टूथ ब्रश व पेस्ट के स्थान पर सरसों का तेल और सेंधा नमक से या नींबू से दांतों की सफाई करना ज्यादा लाभप्रद रहता है। इसके अतिरिक्त नीम व बबूल की डण्डी से भी ब्रश करना लाभप्रद रहता है।
- दाँतों के रोग से बचाव के लिए नियमित नीम की डण्डी से मंजन करने से दाँतों के रोगों में लाभ मिलता है।
- दांत का दर्द होने पर अमरुद के पत्ते का काढ़ा अथवा अमरूद के पत्ते को चबाएँ लाभ होगा
दाँतों को स्वस्थ रखने के उपाय
- प्रत्येक आहार को ग्रहण करने के पश्चात दाँत को ब्रश / अंगुली से पानी का कुल्ला कर साफ करें।
- भोजन के पश्चात सौंफ का सेवन करें, क्योंकि यदि दाँतों में कोई अन्न कण फंसे हों, तो वह बाहर निकल जाएगा।
- पाचन संबंधी गड़बड़ी होने से दाँतों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है अतः पाचन संबंधी उपायों को अपनाते हुए सुपाच्य भोजन करें।
- प्रसव के बाद दाँतों की पर्याप्त देखभाल नहीं हो पाती है, इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम व लोहयुक्त आहार ग्रहण करें। दाँतों की पर्याप्त देखभाल नहीं होने के कारण महिलाओं के दाँतों का स्वास्थ्य खो जाता है। अतः गर्भावस्था व प्रसव के दौरान तथा बाद में आहार व दाँतों की सफाई पर विशेष ध्यान देवें।
- दाँतों को किसी भी प्रकार से कुरेदे नहीं, इससे दाँतों की जड़ें कमजोर होती हैं।
- प्रातःकाल बिना कुल्ला किए पेय/ठोस आहार ग्रहण न करें।
- अत्यंत गर्म व ठंडे पदार्थ का सेवन न करें, साथ ही गर्म ठंडा साथ-साथ ग्रहण न करें।
- भोजन में कैल्शियम व विटामिन युक्त आहार प्रमुखता से ग्रहण करें।
- ठंड के मौसम में 1 मुट्ठी तिल पर्याप्त चबाकर खाए, जिससे दाँतों को पोषण व व्यायाम मिलता है।
- पान, तम्बाखू, सुपारी, सिगरेट, शराब व अन्य कृत्रिम पेयों का प्रयोग न करें।
- दाँतों का स्वास्थ्य किसी विशेष टूथपेस्ट व ब्रश के उपयोग पर नहीं वरन् ग्रहण किए गए आहार व उसकी सफाई पर निर्भर रहता है।
- शौच करते समय दाँतों की दोनों पंक्तियों को आपस में मिलाकर रखने से दाँत कमजोर नहीं होते हैं।




